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    राहु काल की व्याख्या: हम इस समय से क्यों बचते हैं

    राहु काल वैदिक समय में सबसे मान्य अशुभ अवधियों में से एक है। जानें यह क्या है, कैसे गणना होती है और क्यों मायने रखता है।

    डॉ. मीना अय्यर28 मार्च 20264 मिनट पढ़ें

    राहु काल छाया ग्रह राहु द्वारा शासित दैनिक 90 मिनट की अवधि है। पारंपरिक रूप से किसी भी नए कार्य, समझौते या यात्रा की शुरुआत के लिए इसे टाला जाता है।

    यह अवधि प्रत्येक वार के साथ बदलती है: सोमवार दोपहर, मंगलवार देर दोपहर, बुधवार मध्याह्न, इत्यादि। सटीक समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है।

    राहु काल विनाशकारी नहीं माना जाता, बल्कि ऊर्जा से बिखरा होता है — जिससे इसमें शुरू किए गए कार्यों में भ्रम, देरी और अधूरे परिणाम होते हैं।

    नियमित गतिविधियाँ, चल रहे कार्य और ध्यान या मंत्र जैसे आध्यात्मिक अभ्यास प्रभावित नहीं होते। केवल नई शुरुआत को टाला जाना चाहिए।

    आधुनिक पंचांग ऐप आपके भौगोलिक स्थान और दिन के सूर्योदय के आधार पर राहु काल की गणना करते हैं — जिससे इससे बचना पहले से कहीं आसान है।

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    इन अंतर्दृष्टियों को अपने जीवन में अपनाएं — अपने अगले महत्वपूर्ण क्षण के लिए सबसे शुभ समय खोजें।

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